Best Wishes – A Poem in Hindi

A poem that I wrote in Hindi. My parting wishes to an old friend…

चींटियों सा कभी रेंगता है, तो कभी लेहेराते दारिया सा चला जाता है
वक्त तो हाँथ में रेत जैसा है, न जाने कहाँ से निकल जाता है
कल था की तुम मिले थे, आज है की जा रहे हो
जो वादे किए थे तुमने, आज उन सब को झुटला रहे हो
कहने को कुछ और नहीं, तो यह कहता हूँ में
जहाँ जाओ खुश रहो, जीवन में मन लगा के अपना काम करना
और कभी फुरसत मिले तो पीछे मुड़ के इस मील के पत्थर को याद करना Interesting? Click here to read more...

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उसका चर्चा सारे ज़माने में है

Just something that popped into my mind recently…

उसका चर्चा सारे ज़माने में है, क्या जिंदा दिली उस दीवाने में है.
कहीं से कोई दर्द दिख न जाए, येही तो मज़ा उसके छुपाने में है.
शमा को अपनी रौशनी पर गुरूर है तो रहे, इश्क में जल जाने का गुरूर तो सिर्फ़ परवाने में है.
ऐय खुदा तेरे दीदार की तमन्ना है, बढ़ती नहीं तेरी शान ऐसे तरसने में है Interesting? Click here to read more...

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Prayer…

One of the most profound yet simple ode to God that I have come across…

God, if I worship thee for the fear of hell…burn me in hell,

And, if I worship thee in hope of paradise…exclude me from it,

But, if I worship thee for thy own sake…grudge me not your everlasting beauty

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